महिला दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कुपोषण गाने पर किया डांस☝
महिला दिवस पंचायत संघोल
ब्लॉक स्तर पर महिला दिवस मनाया गया☝वीडीयो
महिलाओं को बड़े फक्र की बात है कि 8 मार्च को अंतरास्ट्रीय स्तर पर महिला दिवस मनाया जाता है। पूरा world जब महिला दिवस मनाता आ रहा है तो हमें आगे बढ़ना है।
आगे कैसे बढ़ेंगे ?
हमेँ अपने हकों के प्रति जागरूक रहना है। हमें दब कर नहीं रहना है। हमनें अपनी बिल पावर स्ट्रांग रखनी है। हमनें लड़कियों की भ्रूण हत्या को रोकना है। हमने बेटियो को पढ़ाना है। जब एक बेटी पढ़ती है तो पूरा परिवार पढ़ता है क्योंकि बेटी कल की होने वाली किसी की बहू है। अगर वो पढ़ेगी तो , वो जागरूक भी होगी। वो किसी से दबेगी नहीँ। अपने हक़ के लिए लड़ेगी। जब एक जागरूक नारी होती है तो वो अपने बच्चों की अच्छे से पालती है। अच्छे से पढ़ाती है। वो कन्या भ्रूण हत्या जैसे कांड नहीं होने देगी। वो लड़का और लड़की में भेदभाव नहीं करती। और पढ़ाई जो होती , वो मुसीबत में काम भी आती है। इसलिए बेटियो को पहले तो बचाओ, फिर उनको पढ़ाओ। आज की बेटी , कल की होने वाली नारी है। जब हम एक लड़की को अच्छे से पालते पोसते ,तो उसको वैवाहिक जीवन मे कोई प्रॉब्लम नहीं आती है। अगर एक स्वस्थ लड़की होगी तो आगे चल उसके बच्चे भी तन्दरुस्त पैदा होंगे। जब महिला तन्दरुस्त बच्चे को जन्म देगी तो भारत कुपोषण मुक्त हो जाएगा। और शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी। और अगर महिला तन्दरुस्त होगी तो मातृ मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
सरकार ने असहाय महिलाओं के लिए योजना भी चलाई है। जैसे icds विभाग की तरफ से मदर टेरेसा योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना है,
मदर टेरेसा योजना में )असहाय महिला )जिसके पति की मृत्यु की हो चुकी है उसके दो बच्चों तक । सालाना 6 हज़ार per बच्चा, राशि की सहायता करती है।
ओर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना भी विधवा व जिसका पति 100% दिव्यांग है उसको इस योजना का लाभ दिया जाता है। असहाय महिला की बेटी की शादी पर 51 हज़ार की राशि की सहायता सरकार द्वारा की जाती है।
बेटियो के लिए भी सरकार ने योजना चलाई है जैसे :-
1. बेटी है अनमोल :-
इस योजना का लाभ BPL परिवार में जन्मी 2 बेटियो तक ,को लाभ मिल जाता है। उनकी सरकार 21000 रुपये की FD बनाती है।
प्रधानमंत्री मातृरी वन्दना योजना :- ये योजना भी सरकार ने महिलाओं के लिए बनाई है। इस योजना का लाभ हर महिला पहले प्रसव में ले सकती है। पर जो महिला govt जॉब करती है उस महिला को इसका लाभ नहीं मिलेगा। सरकार पहले प्रसव पर महिला को 5 हजार की राशि 3 किस्तो में देती है। पहली क़िस्त के फॉर्म गर्भधारण पंजीकरण करवाते ही भरे जाते। दूसरे 6 महीने कंपलीट होते भरा जाता। दूसरा फ़ॉर्म भरने के लिए एक checkup ज़रूरी होता। तीसरी किश्त का फॉर्म भरने के लिए बच्चे को 3rd पेंटा लगना अवश्य होता। पहली किश्त 1000 Rs , दूसरी 2 हज़ार,तीसरी भी 2 हज़ार मिलती।
असहाय महिला के लिए विधवा पुनर्विवाह योजना भी चली है। जब एक असहाय विधवा महिला किसी लड़के से शादी करती तो उसको अब सरकार ने 65 हज़ार राशि देगी।
तो सरकार ने महिलाओं को सहारा देने के लिए उनकी बिल पावर बढ़ाने के लिए ये योजनायें चलाई है। कि उनको भी फील हो कि सरकार भी उनके साथ है।
सरकार ने महिलाओं के लिए कानून भी बनाये है जैसे अगर महिला को घर कोई टॉर्चर करता है तो वो कानून का सहारा ले सकती। जैसे घरेलू अहिंसा ।
पढ़ाई के साथ साथ लड़कियों की हिम्मत होंसला को भी बढ़ाना है। अगर महिला में बिल पॉवर होगी तो वो कभी वो पीछे नही रह सकती ,न वो अपने हक़ों को कभी छोड़ेगी। न कभी अत्यचार सहेगी न, न सहने देगी। अगर एक महिला स्ट्रांग ओर जागरूक होती तो अपने आस पड़ोस की महिलाओं को भी मजबूत करती।



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